कृपया प्रतीक्षा करें...

YOUR CART
Total: ₹0
मेन्यू

रंग इस मौसम में भरना चाहिए

✍️ लेखन: अंजुम रहबर

रंग इस मौसम में भरना चाहिए

सोचती हूँ प्यार करना चाहिए

 

ज़िंदगी को ज़िंदगी के वास्ते

रोज़ जीना रोज़ मरना चाहिए

 

दोस्ती से तजरबा ये हो गया

दुश्मनों से प्यार करना चाहिए

 

प्यार का इक़रार दिल में हो मगर

कोई पूछे तो मुकरना चाहिए

 


और ग़ज़ल

मिलना था इत्तिफ़ाक़ बिछड़ना नसीब था
पढ़ें
जिन के आँगन में अमीरी का शजर लगता है
पढ़ें

Start typing and press Enter to search