कृपया प्रतीक्षा करें...

YOUR CART
Total: ₹0
मेन्यू

Meer Taqi Meer (कहकशां : मीर तक़ी मीर) - Classical Shayari by Sukhandaan Publications । Nadeem Farrukh

Meer Taqi Meer (कहकशां : मीर तक़ी मीर) - Classical Shayari by Sukhandaan Publications । Nadeem Farrukh

(1)

₹279

SAVE 20%
M.R.P.: ₹349
Description:

उर्दू के महान शायर मीर तकी मीर की शायरी प्रेम, विरह, दर्द, तन्हाई और मानवीय संवेदनाओं की गहरी अभिव्यक्ति है। उनकी ग़ज़लों में दिल की टूटन और इश्क़ की नज़ाकत के साथ-साथ ज़िंदगी के अनुभवों की सच्ची तस्वीर दिखाई देती है। इसी कारण मीर को उर्दू ग़ज़ल के सबसे प्रभावशाली और संवेदनशील शायरों में गिना जाता है। मीर तकी मीर की शायरी की यह पुस्तक उनकी चुनिंदा और लोकप्रिय ग़ज़लों एवं अशआर का संग्रह है। उनके सरल लेकिन भावपूर्ण शब्द पाठक के मन को सीधे छूते हैं। इश्क़ में मिली खुशी हो या जुदाई का दर्द, मीर ने हर भावना को इतनी खूबसूरती से व्यक्त किया है कि उनकी शायरी आज भी उतनी ही प्रासंगिक और प्रभावशाली लगती है। यह पुस्तक उर्दू शायरी के प्रेमियों, साहित्य के विद्यार्थियों और मीर तकी मीर की रचनात्मक दुनिया को समझने वाले पाठकों के लिए एक महत्वपूर्ण संग्रह है। मीर की शायरी पढ़ना दरअसल उस दौर, उस तहज़ीब और उस संवेदनशील मन से रूबरू होना है जिसने उर्दू साहित्य को एक नई गहराई प्रदान की।

Product Information:
Writer/Author: Meer Taqi Meer, Editor: Nadem Farrukh
ISBN: 9788199277915
Edition: First
Binding: Paperback
Language: Hindi
Product Code: SP0001
Weight: 320 g
Dimensions: 22 x 15 x 2
Availability: In Stock
Quantity:

Product Video does not exist

Writer/Author Meer Taqi Meer, Editor: Nadem Farrukh
ISBN 9788199277915
Edition First
Publisher Sukhandaan Publications
Binding Type Paperback
Language Hindi
Weight 320 g
Dimensions 22 x 15 x 2
Average Rating

5

Based on 1 Reviews
5 Stars
(1)
4 Stars
(0)
3 Stars
(0)
2 Stars
(0)
1 Star
(0)
Your Review matters.
Have you used this product before?
Reviews (1)
LIPIKA
04-09-2026 10:33:31

मीर तकी मीर की शायरी उर्दू साहित्य की उस विरासत का हिस्सा है, जिसमें प्रेम और दर्द केवल भावनाएँ नहीं, बल्कि जीवन को देखने का एक गहरा दृष्टिकोण बन जाते हैं।

Start typing and press Enter to search