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नीलोत्पल मृणाल की किताबें सिर्फ कहानियाँ नहीं सुनातीं, बल्कि गाँव, कस्बे, संघर्ष, प्रेम, राजनीति और सपनों की उस दुनिया को सामने लाती हैं जिसे आम लोग हर दिन जीते हैं। उनकी भाषा में मिट्टी की गंध है और पात्रों में हमारे आसपास के लोगों की बेचैनी। डार्क हॉर्स यह सिर्फ UPSC की तैयारी करने वाले युवाओं की कहानी नहीं, बल्कि छोटे शहरों से बड़े सपनों तक पहुँचने की जद्दोजहद का दस्तावेज़ है। मुखर्जी नगर की गलियों में भटकते सपने, दोस्ती, असफलता और उम्मीद—सब इस उपन्यास में जीवित दिखाई देते हैं। हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों की पीड़ा और संघर्ष को जिस सच्चाई से यह किताब सामने लाती है, वही इसे यादगार बनाता है। औघड़ ‘औघड़’ गाँव की उस परत को खोलता है जहाँ जाति, राजनीति, पाखंड और सामाजिक विडंबनाएँ एक साथ साँस लेती हैं। यह उपन्यास ग्रामीण भारत को सिर्फ रोमांटिक तरीके से नहीं दिखाता, बल्कि उसकी टूटन, क्रूरता और भीतर छिपे मानवीय दर्द को भी उजागर करता है। इसकी भाषा तीखी भी है और संवेदनशील भी। यार जादूगर यह किताब जीवन और मृत्यु के बीच के रहस्य को बेहद अलग अंदाज़ में छूती है। इसमें प्रेम है, दर्शन है, लोकगीतों की मिठास है और इंसानी रिश्तों की गहरी पड़ताल भी। ‘यार जादूगर’ पढ़ते हुए लगता है जैसे कोई लोकगायक जीवन का सबसे कठिन सत्य मुस्कुराकर सुना रहा हो। विश्वगुरु ‘विश्वगुरु’ समकालीन समाज, राजनीति और बदलते भारत की मानसिकता पर सवाल उठाने वाला उपन्यास माना जा रहा है। नीलोत्पल मृणाल अपने खास अंदाज़ में यहाँ भी व्यवस्था, विचारधारा और आम आदमी की उलझनों को कथा के भीतर पिरोते हैं। यह किताब वर्तमान समय की बेचैनी को साहित्य में दर्ज करती है।
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| Writer/Author | नीलोत्पल मृणाल |
| Publisher | Hindyugm Prakashan |
| Binding Type | Paperback |
| Language | Hindi |
| Weight | 980 g |
| Dimensions | 22 x 14 x 7 |
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