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युवा लेखक
हिंदी साहित्य में योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2012 और 2013 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। वर्ष 2014 में उन्होंने ब्लॉग की शुरुआत की, जहाँ वे आज भी लघु कथाएँ और कविताएँ साझा करते हैं।
उनका लेखन प्रेम, पहचान, वियोग और आंतरिक शक्ति जैसे शाश्वत विषयों को संवेदनशीलता और अंतर्दृष्टि के साथ प्रस्तुत करता है। वर्तमान में वे गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार में सहायक प्रोफेसर हैं और युवा पीढ़ी को प्रेरित करते हुए अपनी साहित्यिक यात्रा जारी रखे हुए हैं।
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