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टूटन

✍️ लेखन: अमित कामरा

टूटन

 

व्यक्ति जब टूटता है 

तो उसे जरूरत होती है 

एक और टूटे व्यक्ति की

जो कभी टूटा हो 

किसी व्यक्ति से 

या किसी संस्था से 

या किसी समाज से

 

क्योंकि वही समझता है 

उसकी संवेदना 

उसका टूटन

उसका बिखरन 

 

बाकी दुनिया से उम्मीद करना 

कि वह समझेगी 

समझाएगी 

और संभाल लेगी 

यह सबसे बड़ा झूठ है, स्वयं के साथ।

 


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