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अचानक डूबता सूरज उग आया (Achanak Doobta Sooraj Ug Aaya) - Rajesh Kumar Singh 'Shreyas'

अचानक डूबता सूरज उग आया (Achanak Doobta Sooraj Ug Aaya) - Rajesh Kumar Singh 'Shreyas'

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M.R.P.: ₹299
Description:

यह उपन्यास एक जागृति उपन्यास है जो एक ओर मानवीय संबंधों को जागृत करता है और दूसरी ओर नशा उन्मूलन की गूढ़ व्याख्या कर जन जागृति करता है। मानवीय दृष्टि और जनजागरण तथा नशा उन्मूलन की दृष्टि से यह अनुपम उपन्यास है। बीमारियों को केंद्र में रखकर प्रेम, सौहार्द्र और समर्पण का ऐसा तना बना बना गया है कि पाठक का मन कभी भी उबाऊपन, थकान, नीरसता का अनुभव नहीं करता; अपितु अपने को बुराइयों के निर्मूलन का एक अंग मन लेता है। इस यात्रा में सहयात्री बन जाता है। यही उपन्यासकार की सफलता है। यह यात्रा कैसे प्रारम्भ होती है? कैसे अपने लक्ष्य का संधान कर उसे पूर्णता तक पहुँचाती है, इसे पाठक स्वयं उपन्यास क्रय करके पढ़े तो उसे अधिक आनंद आएगा। हाँ, इतना अवश्य आश्वस्त करना चाहूँगा कि उपन्यास क्रय करने का उसे अफसोस या निराशा नहीं होगा, उसे धन व्यय की सार्थकता की अनुभूति होगी। - राजेश कुमार सिंह 'श्रेयस'

Product Information:
ISBN: 978-81-985877-5-9
Edition: First
Publisher: Kohbar Prakashan
Binding: Paperback
Language: Hindi
Product Code: KP0002
Weight: 250 g
Dimensions: 22 x 14 x 1
Availability: In Stock
Quantity:
Writer/Author राजेश कुमार सिंह 'श्रेयस'
ISBN 978-81-985877-5-9
Edition First
Publisher Kohbar Prakashan
Binding Type Paperback
Language Hindi
Weight 250 g
Dimensions 22 x 14 x 1
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Manish Parashar
27-03-2026 12:58:06

best

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