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मैं

✍️ लेखन: मोहिनी रानी 'मधुमयी'

मैं उसे जीती हूँ

किताबों में, कविताओं में

किस्सों में, कहानियों में..

समाज उसे ढूँढता है

मेरे दफ़्तर के सहकर्मियों में

मेरे पुरुष मित्रों में

मेरे चरित्र में।

 

नवपल्लव बुक्स की वेबसाईट के लिए कवयित्री द्वारा चयनित कवितामधुमयी, पृष्ठ-102


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