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एक चिड़िया का डर

✍️ लेखन: डॉ. अमित धर्मसिंह

मैं किसी चिड़िया का गीत सुनकर

उसे दुलारना चाहता हूँ

कुछ घड़ी कृतज्ञता में,

 

करना चाहता हूँ

उससे दोस्ती

ताकि कर सकूँ

ढेर सारी बातें

उसकी और अपनी,

देना चाहता हूँ

ढेर सारी दाद

उसके गीतों पर

 

मगर वह,

मेरी आहट पाते ही उड़ जाती है

शायद यह कहते हुए

कि तुम विश्वास के लायक नहीं,

तुमसे दोस्ती करने का मतलब है

ख़ुद को पिंजरे में डालना ।

 

 

स्त्रोत : नवपल्लव बुक्स के लिए कवि द्वारा चयनित और भेजी गई कविताओं में एक कविता


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