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शिनाख्त

✍️ लेखन: डॉ. अमित धर्मसिंह

जिसकी आँखों में पानी होता है

वह रो सकता है सबके लिए,

जो किसी एक के लिए रोता है

रोने से पहले चेहरा देखता है

या देखता है

घर, परिवार, जाति, धर्म, वर्ग या समाज,

समझिए उसके आँसू घड़ियाली हैं

वह रोते-रोते कभी भी हँस सकता है किसी पर भी,

 

जो कवि होता है

वह लिख सकता है सबके लिए कविता

जो लिखने से पहले व्यक्ति देखता है,

लाभ-हानि देखता है,

यश-अपयश देखता है

या देखता है महानता के शिखर और सम्मान

समझिए वह छदम कवि है,

वह लिखते-लिखते कभी भी अलापने लग सकता है कुछ भी

या करने लग सकता है राजा का स्तुतिगान,

 

जिसमें वाणी की मिठास होती है

वह बोल सकता है सबके लिए मीठे बोल,

जो मुँह देखकर मीठा बोलता है

मतलब के लिए मीठा बोलता है

या मीठा बोलने के लिए तलाश करता है अवसर

समझिए वह आदमी के भेष में विषधर है

जो मीठा बोलते-बोलते कभी भी

कर सकता है विष-वमन,

 

जिसके हृदय में प्रेम होता है

वह कर सकता है सबसे प्रेम,

दे सकता है सबको सम्मान,

जिसका प्रेम केवल अपनों के लिए है

या बस उनके लिए होता है

जो देते हैं उसको प्रेम और सम्मान

समझिए कि वह प्रेम का पुजारी नहीं व्यापारी है

वह भावना के जंगल में

किसी को भी ठग सकता है कभी भी ।

 

 

स्त्रोत : नवपल्लव बुक्स के लिए कवि द्वारा चयनित और भेजी गई कविताओं में एक कविता


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